सिकंदरा में खाद की कालाबाजारी, छापे की भनक लगते ही टीम पहुंचने से पहले खाली कर दिया गया गोदाम
दौसा जिले में जहां किसान यूरिया खाद की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निजी खाद विक्रेताओं द्वारा मनमाने दाम वसूलने और कालाबाजारी करने की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसान एक-एक बोरी खाद के लिए रात-दिन भटक रहे हैं, जबकि कुछ व्यापारी यूरिया का स्टॉक कर इसे दोगुने–तीन गुने दामों पर बेच रहे हैं।
सिकंदरा एवं आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन छापे की भनक लगने के कारण संबंधित गोदाम पहले ही खाली कर दिया गया था।
मनमाने रेट पर यूरिया बेचते दुकानदार
रविवार शाम को सिकंदरा कस्बे की खाद-बीज की दुकानों पर कृषि विभाग ने निरीक्षण किया। टीम के सामने कई दुकानदार सरकारी तय दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचते मिले। इससे जुड़ी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
कृषि अधिकारी ओमप्रकाश बैरवा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को उचित दर पर खाद दिलवाया और स्पष्ट संदेश दिया कि—
“यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत लेता है, तो तुरंत शिकायत करें।”
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स ने किया खुलासा – 270 रुपये का कट्टा 350 रुपये तक बेचा जा रहा था
ग्रामीणों की बार-बार शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारी लंबे समय से कार्रवाई नहीं कर रहे थे।
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स द्वारा मामले को उठाने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहाँ ग्रामीणों की शिकायतें सही पाई गईं। दुकानदार यूरिया खाद 270 रुपये का कट्टा 330–350 रुपये तक बेच रहे थे, साथ ही खाद के साथ अन्य उत्पाद भी जबरदस्ती थोपे जा रहे थे।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या विभाग इन कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा?
कृषि अधिकारी ओमप्रकाश बैरवा का बयान
“ग्रामीणों एवं मीडिया के माध्यम से सिकंदरा क्षेत्र में चल रही कालाबाजारी की जानकारी मिली। शिकायत पर मौके पर पहुंचकर पाया कि दुकानदार मनमर्जी रेट वसूल रहे थे और अन्य प्रोडक्ट भी जबरन बेचे जा रहे थे। कई ग्रामीणों को उचित रेट पर यूरिया उपलब्ध करवाया। पूरे प्रकरण की सूचना उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” – ओमप्रकाश बैरवा, कृषि अधिकारी

