न्यूज़ राजस्थान टाइम्स ने किया खुलासा सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक भी ऐसा गांव एवं मोहल्ला नहीं जहां गांजा , स्मैक की धड़ल्ले से बिक्री न हो रही
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स ने किया खुलासा सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक भी ऐसा गांव एवं मोहल्ला नहीं जहां गांजा , स्मैक की धड़ल्ले से बिक्री न हो रही

स्थानीय थाना पुलिस पर पहले भी लग चुके हैं कई बार अवैध वसूली के आरोप,सिकंदरा। कस्बे में अवैध मादक पदार्थों और नशे के कारोबार को लेकर लोगों के बीच लगातार चर्चाएं और शिकायतें सामने लगातार आ रही हैं। लोगो का आरोप है कि सिकंदरा थाना क्षेत्र में शायद ही ऐसा कोई गांव बच रहा हो जहां पर इन अवैध मादक पदार्थों की बिक्री न हो रही हो इन दावों के बीच स्थानीय थाना पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब नशे का कारोबार इतने व्यापक स्तर पर संचालित हो रहा है, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। आमजन सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर जिन गतिविधियों की चर्चा चौपालों से लेकर बाजारों तक हो रही है, उन पर प्रभावी कार्रवाई क्यों दिखाई नहीं दे रही, लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि क्या नशे के सौदागरों ने कानून के डर को पीछे छोड़ दिया है, या फिर निगरानी व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी कमी है? क्योंकि यदि हालात उतने ही गंभीर हैं जितना बताया जा रहा है, तो यह केवल अपराध का नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य का भी मामला है।क्षेत्र में बढ़ती चिंताओं के बीच नागरिक पूछ रहे हैं कि क्या नशे के खिलाफ अभियान केवल कागजों और बैठकों तक सीमित हैं, या फिर धरातल पर भी उतनी ही मजबूती से कार्रवाई हो रही है? यदि कार्रवाई हो रही है, तो उसके परिणाम जनता के सामने स्पष्ट रूप से क्यों नहीं आ रहे
आमजन की शिकायत पर न्यूज़ राजस्थान टाइम्स ने किया स्टिंग ऑपरेशन..
सिकंदरा थाना क्षेत्र में गांजा , स्मैक जैसे अन्य कई मादक पदार्थों की बिक्री को लेकर लोगों के बीच लगातार चर्चाएं और शिकायतें सामने आ रही थी जिसको लेकर न्यूज़ राजस्थान टाइम्स ने अपनी टीम के सहयोग से जब यहां जांच पड़ताल की और अवैध मादक पदार्थों की जहां-जहां बिक्री होने की सूचना पर वहां टीम ने पहुंच कर अवैध मादक पदार्थों की बिक्री का जो धड़ल्ले से खेल चल रहा है उसका खुलासा किया जहां-जहां टीम ने स्टिंग ऑपरेशन किया इसकी सूचना तत्काल स्थानीय थाना अधिकारी एवं सीओ को दी लेकिन अफसोस की बात हमेशा यही रही कि कभी भी स्थानीय थाना पुलिस समय रहते मौके पर नहीं पहुंची न्यूज़ राजस्थान टाइम्स की टीम ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान सिकंदरा कस्बे में अवैध मादक पदार्थ की बिक्री में काम आ रहे वाहन भी स्थानीय थाना पुलिस को सुपर्द करवाए सूचना देने के बाद भी वाहन को जप्त करने के लिए लिए स्थानीय थाना पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची सिकंदरा थाना क्षेत्र में दर्जनों ऐसे गांव है जहां आज भी जिम्मेदार अधिकारियों के आशीर्वाद से नशे का अवैध कारोबार फल फूल रहा है

सिकंदरा कस्बे के आम नागरिकों ने न्यूज़ राजस्थान टाइम्स द्वारा अवैध मादक पदार्थ को लेकर किए गए स्टिंग ऑपरेशन की सराहना की क्यों की टीम की कार्यवाही के बाद सिकंदरा कस्बे में काफी हद तक नशे के अवैध कारोबार की चाल धीमी पड़ी है लेकिन अभी भी नशे का अवैध कारोबार आंतरिक रूप से संचालित है इस पूरे स्टिंग ऑपरेशन के दौरान एक बात यह खास तौर पर सामने आई है कि सिकंदरा थाना इंचार्ज पहली बात तो फोन नहीं उठाते और यदि फोन उठा भी लेते हैं तो कहते कि फला कांस्टेबल से बात कर लो जैसे कि वह कांस्टेबल सिकंदरा थाना इंचार्ज हो जब उस कांस्टेबल को फोन किया जाता है तो वह भी फोन नहीं उठाता और कुछ देर बाद व्हाटसअप पर कॉल करता है और कहता है कि ध्यान नहीं रहा या खुद को किसी काम से बिजी होना बताता है ऐसा एक बार नहीं इस पूरे स्टिंग ऑपरेशन में कई बार हुआ है न्यूज़ राजस्थान टाइम्स की टीम ने सिकंदरा थाना पुलिस को नशे का अवैध कारोबार करने वालों के नाम व पता भी बताया था कि किस किस स्थान पर बेचने के लिए आते हैं अब इसे स्थानीय थाना पुलिस की नाकामयाबी कहा जाये या मेहरबानी …?
भाजपा की वरिष्ठ कार्यकर्ता महेश मिश्रा का कहना है कि नशा किसी एक व्यक्ति या परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। ऐसे में अपेक्षा की जा रही है कि संबंधित एजेंसियां, जिला पुलिस कप्तान एवं जिला कलेक्टर शिकायतों और सूचनाओं की गंभीरता से जांच करें एवं स्थानीय थाना पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों की जांच के लिए जांच कमेटी का गठन करें दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।अब सिकंदरा में सबसे बड़ा सवाल यही गूंज रहा है—क्या नशे के कारोबार पर निर्णायक प्रहार होगा, या फिर जनता के सवाल यूं ही जवाब तलाशते रहेंगे? जनता जवाब भी चाहती है और नतीजे भी।

