दौसा | जिले के बसवा क्षेत्र में विकास रथ यात्रा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब बांदीकुई से भाजपा विधायक भागचंद टांकडा सबडावली गांव में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति द्वारा विकास कार्यों को लेकर बात कहते हुए विधायक का हाथ पकड़ने का प्रयास किया गया. इसी बात से नाराज विधायक ने मंच से तीखे शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दी घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद बसवा थाना पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार कर लिया
उनके 5 साल गिन लेना और मेरे 2 साल गिन लेना
विधायक ने आगे कहा “अगर किसी जाति विशेष को लगता है कि संख्या के दम पर दबाव बनाया जा सकता है, तो वह भूल जाए. मैं भी इसी विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला हूं. स्वाभिमान मेरा भी है. ग्राम पंचायत को लेकर विवाद था, मैंने दोनों पक्षों को बैठाकर सहमति कराने का प्रयास किया. मेरा काम लोगों को लड़ाना नहीं है. किसी को डिबेट करनी है तो आ जाना उनके 5 साल गिन लेना और मेरे 2 साल गिन लेना
टेंटवा पकड़कर बाहर ले जाऊंगा मैं
संबोधन में विधायक भागचंद टांकडा ने कहा “मुझे कहते हैं भागचंद टांकडा. किसी को कोई गलतफहमी हो, चश्मे चढ़े हों तो उतार ले, बदल ले. मैं किसी से दबने वाला व्यक्ति नहीं हूं. कोई हाथ पकड़कर काम करवाने की बात करे, तो यह कोई तरीका नहीं है. हाथ पकड़कर उठाने की बात करेगा, तो मैं टेंटुआ पकड़कर बाहर ले जाऊंगा.
आपका कोई काम है, दो बताओ, पांच बताओ, लेकिन काम बताने का भी एक तरीका होता है. जायज काम होंगे तो जरूर होंगे, लेकिन इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
विधायक की नाराजगी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, वहीं समर्थक इसे विधायक का स्वाभिमानी रुख बता रहे हैं, तो विपक्ष इसे जनप्रतिनिधि के व्यवहार से जोड़कर देख रहा है
नियमों को ताक पर रखकर किया सड़क निर्माण कार्य चालू, पूर्व का प्रशासन सही या वर्तमान अब यह है जांच का विषय, हो रहा है सरकारी पैसे का दुरुपयोग
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स डिजिटल डेस्क ! रामवीर कसाना
पांचोली गांव में सड़क निर्माण को लेकर नियमों की अनदेखी के आरोप
दौसा। सड़क निर्माण कार्य में नियमों की खुली अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूरा मामला सिकराय उपखंड क्षेत्र के पांचोली गांव का है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण से पहले राजस्व विभाग की आवश्यक अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इससे पूरे निर्माण कार्य की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए न तो राजस्व रिकॉर्ड की विधिवत जांच की गई और न ही हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया गया। आरोप है कि उपखंड अधिकारी द्वारा मौके की आवश्यक जांच रिपोर्ट तैयार किए बिना और अंतिम स्वीकृति से पहले ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। नियमों के अनुसार भूमि की प्रकृति सरकारी या निजी होने की स्थिति स्पष्ट करना अनिवार्य होता है, लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
पूर्व आपत्ति के बावजूद जारी रखा गया निर्माण
जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि पर पूर्व में भी आपत्ति दर्ज की जा चुकी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने निर्माण कार्य को नहीं रोका। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बिना ही योजना को स्वीकृति दे दी गई, जो नियमों के विरुद्ध है।
पुराना रास्ता चालू, फिर भी नया रास्ता बनाया जा रहा
ग्रामीणों ने बताया कि मौके पर पहले से रास्ता मौजूद है। यह रास्ता लगभग 25 वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा बनवाया गया था और आज भी चालू है। इसके बावजूद प्रशासन ने खड़ी फसल को रौंदकर नए रास्ते का निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई समझ से परे है और इसके पीछे भ्रष्टाचार की आशंका है।
खातेदारों ने लगाए गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप
खातेदार सीताराम गुर्जर और मुकेश गुर्जर ने प्रशासन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पटवारी अशोक कुमार की मौका रिपोर्ट और ऑनलाइन नक्शा ट्रेस के अनुसार उनकी भूमि का फ्रंट एरिया 208 मीटर दर्शाया गया है, जबकि मौके पर नापतोल में यह कम पाया गया।
खातेदारों का कहना है कि पूर्व से बना रास्ता भी उनकी निजी खातेदारी भूमि में आ रहा है। यह रास्ता करीब 150 मीटर तक मुकेश गुर्जर की खातेदारी भूमि में पहले से मौजूद है। रास्ते के दूसरी ओर खसरा नंबर 628 स्थित है, जो चरागाह भूमि बताई जा रही है।
सीमा ज्ञान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
पटवारी अशोक कुमार की रिपोर्ट के अनुसार खसरा नंबर 604 रिकॉर्ड में रास्ता दर्ज है, जिसकी चौड़ाई लगभग चार मीटर है। 8 नवंबर 2024 को हल्का पटवारी पांचोली, पीलोडी, करोड़ी और चांदेरा के पटवारियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न खसरों का निरीक्षण किया। इस दौरान सीमा ज्ञान में 12 से 16 मीटर तक का अंतर सामने आया।
इसके बाद संयुक्त टीम ने भू-प्रबंधन विभाग को सीमा ज्ञान के लिए पत्र लिखा। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भू-प्रबंधन विभाग की टीम ने इस भूमि का सीमा ज्ञान किया या नहीं। खातेदारों का आरोप है कि बिना सीमा ज्ञान के ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण
खातेदारों का कहना है कि मानपुर-सिकराय रोड पर स्थित उनकी व्यावसायिक भूमि पर हाईकोर्ट का स्थगन आदेश भी है। इसके बावजूद खड़ी फसल के बीच नए रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर किस मजबूरी में प्रशासन ने यह कार्य शुरू कराया।
ग्राम पंचायत से उठे सवाल
खातेदार सीताराम गुर्जर ने बताया कि उनकी खातेदारी भूमि के पास लगभग 25 वर्ष पूर्व तत्कालीन सरपंच खैराती लाल बैरवा ने सीमा ज्ञान के बाद रास्ता बनवाया था। वर्ष 2014 में ग्राम पंचायत ने उसी रास्ते को ग्रेवल सड़क में बदला। इसके बाद 2022 में वर्तमान सरपंच गुलाब बैरवा ने इसी रास्ते का नवीनीकरण कराया, जिस पर लाखों रुपये खर्च किए गए।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पुराना रास्ता गलत स्थान पर था तो वर्षों तक उस पर सरकारी पैसा क्यों खर्च किया गया। यदि रास्ता सही था, तो अब नए रास्ते के निर्माण की जरूरत क्यों पड़ी। ग्रामीणों ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बताया है।
पटवारी और सरपंच का पक्ष
जब इस मामले में पटवारी अशोक कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि वे केवल अपने अधिकारियों के आदेशों की पालना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सही और गलत का निर्णय अधिकारी ही करेंगे। सीमा ज्ञान को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
वहीं, वर्तमान सरपंच गुलाब बैरवा ने कहा कि यह विभागीय त्रुटियों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि संशोधन के लिए ग्रामीणों की ओर से एसडीएम कार्यालय में आवेदन किया गया है। हालांकि, संशोधन से पहले ही खड़ी फसल को नष्ट कर नए रास्ते का निर्माण शुरू करने को लेकर वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
दौसा। शनिवार दोपहर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विश्वविख्यात आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। यहां उन्होंने बालाजी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
इस दौरान मंदिर ट्रस्ट की ओर से उनका पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।
मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच हुए दर्शन
मंदिर ट्रस्ट के सिद्धपीठ महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने स्वयं मुख्यमंत्री की अगवानी की। इसके बाद मंत्रोच्चार, शंखनाद और जयकारों के बीच मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज के दर्शन किए।
साथ ही उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर सोने के चोले का टीका लगाकर विशेष अनुष्ठान किया गया।
देश की सुख-समृद्धि की कामना
दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश में शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इसके अलावा बालाजी महाराज को सवामणी का भोग भी अर्पित किया गया, जो धाम की प्रमुख धार्मिक परंपरा मानी जाती है।
भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार के भी किए दर्शन
बालाजी महाराज के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार के भी दर्शन किए। तीनों देवस्थानों में दर्शन कर उन्होंने आध्यात्मिक ऊर्जा और विश्वास का अनुभव किया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस रही अलर्ट
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दौसा और करौली जिले की पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के क्षेत्रों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली।
भाजपा जिला अध्यक्ष को मंदिर परिसर से बाहर भेजने का मामला
मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं। हालांकि इस दौरान मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें मंदिर परिसर से बाहर भेज दिया।
लक्ष्मी रेला ने बताया कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं, डीएसपी धर्मराज चौधरी ने स्पष्ट किया कि उन्हें समझाकर सीएम के स्वागत की व्यवस्था के लिए बाहर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि किसी तरह का विवाद नहीं हुआ।
महंत नरेशपुरी महाराज से की शिष्टाचार भेंट
दर्शन के बाद मुख्यमंत्री महंत निवास पहुंचीं। यहां उन्होंने सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान आध्यात्मिक, सामाजिक और धार्मिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
इस अवसर पर दौसा जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दौसा – जिले में रिश्तों की मर्यादा तार-तार करने का मामला सामने आया. मां ने अपने गर्भ में जिस बेटे को नौ माह रखा, उसी पर मां से दुष्कर्म करने का गंभीर प्रकरण दर्ज हुआ है. यह मामला सिर्फ पुलिस रजिस्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्र में चर्चा और हैरानी का विषय बन गया रामगढ़ पचवारा थाना प्रभारी मदन लाल ने बताया कि पीड़िता के दो बेटे हैं. बड़े बेटे के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है. पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया. पुलिस टीम ने घटनास्थल पर परिस्थितियों की जांच की. कमरे की स्थिति, दरवाजों के लॉक, पीड़िता के बयान और संभावित डिजिटल साक्ष्य जांच में शामिल किए. पुलिस जांच में जुट गई है
पति ने दर्ज कराया केस
घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है, जब पीड़िता अपने कमरे में अकेली सो रही थी. तभी बड़ा बेटा कमरे में आया और दुष्कर्म कर भाग गया. मामले की जानकारी पीड़िता के पति को लगी तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. उसने तुरंत थाने जाकर अपने बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया
जांच में जुटी पुलिस – एसएचओ मदनलाल ने बताया कि पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी नशे में था. क्या पहले भी किसी तरह का विवाद या अप्राकृतिक व्यवहार देखा गया था. क्या परिवार में कोई अंदरूनी तनाव चल रहा था. जांच अधिकारी का कहना है कि हर पहलू की जांच होगी